Computer Mouse क्या होता है

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Mouse क्या होता है

Mouse एक Input Device है, जिसका उपयोग Graphical User Interface में Pointer या Cursor की Movement को Control करने के लिए किया जाता है। Mouse पर बने हुए Buttons पर Single या Double Click करके Computer को Command दी जाती है।

Mouse का जनक कौन है

American Engineer Douglas C. Engelbart को माउस का जनक कहा जाता है। Douglas C. Engelbart ने सन् 1963 में माउस का आविष्कार किया था। अपने आविष्कार के 10 साल बाद यानि सन् 1973 में पहली बार माउस का प्रयोग Xerox Alto computer system में किया गया था।

माउस की Full Form क्या है

Mouse की कोई Full Form नहीं होती है। जी, हाँ! माउस अपने आप में पूरा एक शब्द है जिसका अर्थ “चूहा” होता है। इंटरनेट पर जो माउस की फुल फ़ोर्म बताई जाती है वह ग़लत है।

Mouse को Mouse क्यों कहते हैं

Mouse का आविष्कार करने वाले Engineer Douglas C. Engelbart ने एक बार इस बारे में कहा था कि ” यह एक माउस की तरह दिखता है, जिसकी एक पूंछ है”। अतः माउस की तरह दिखने की वजह से ही माउस को माउस कहा जाता है।

Parts Of Mouse – माउस के कितने भाग होते हैं?

Buttons – आज-कल प्रत्येक Mouse में दो Button होते हैं। शुरुआती Mouses में एक ही Button होता था। यदि आपने Apple के शुरुआती Computers के साथ आने वाले Mouses देखे हैं तो आपने अवश्य यह Notice किया होगा कि उनमें सिर्फ़ एक Button होता था।

लेकिन, आज-कल प्रत्येक Mouse में कम से कम दो Button अवश्य होते हैं। किसी भी Mouse को सीधा पकड़ने पर जो Button हमारी Right Side में होता है उसे Right Button तथा जो Button हमारी Left Side में होता है उसे Left Button कहते हैं।

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Mouse के Left Button का क्या काम होता है

Left Button – यह बटन माउस का Main Action Button होता है। किसी भी User द्वारा सबसे अधिक इसी Button का प्रयोग किया जाता है।

Left Button के कार्य

किसी File, Folder या Program को Open करने के लिए Left Button का उपयोग किया जाता है। इसके लिए Cursor को File या Folder पर ले जाकर Double Click करना होता है।

किसी भी File, Folder या Text आदि को Select करने के लिए Left Button का प्रयोग किया जाता है। इसके लिए Cursor को File या Folder पर ले जाकर Single Click करना होता है।

किसी File या Folder को Drag-and-Drop Method से Move करने के लिए भी Left Button का प्रयोग किया जाता है।

माउसके Right Button का क्या काम होता है

Right Button – माउस का यह Button Left Button की तुलना में कम काम में लिया जाता है। जब हमें किसी File, Folder या अन्य किसी प्रोग्राम के बारे में अतिरिक्त जानकारी चाहिए हो, तो हम इस Button का Use करते हैं।

Right Button के मुख्य कार्य

किसी भी File, Folder या Software के बारे में अतिरिक्त जानकारी हासिल करने के लिए Right Button का प्रयोग किया जाता है। जब हम किसी File पर Right Click करते हैं तो एक Pop-Up Menu खुलती है। इस Menu में मौजूद किसी भी Desired Option पर Left Click करके आप Computer को Command दे सकते हैं।

जैसे, जब हम Computer Desktop पर Right Click करते हैं तो, निम्न Pop-Up Menu खुलती है।

और जब हम किसी File, Folder या Program पर Right Click करते हैं तो निम्न Pop-Up Menu खुलती हैं।

The Scroll Wheel – माउस के दोनों Buttons के बीच में एक Scroll Wheel होती है इस Scroll Wheel की सहायता से हम कंप्यूटर स्क्रीन पर खुले हुए पेज को Up या Down कर सकते हैं।

Taiwan की एक कंपनी KYE System ने 1995 में पहला Commercial Scroll Wheel वाला माउस बनाया था, जिसका नाम Genius EasyScroll था

Microprocessor – Computer की तरह ही Mouses में भी एक प्रोसेसर होता है जो, माउस के Circuit Board पर लगा होता है। इस प्रोसेसर का काम Mouse द्वारा किए जाने वाले कार्यों को सही तरीक़े से पूरा करना होता है।

Ball, LED या Laser – Computer Screen पर Cursor की Movement के लिए ये तीनों बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। इन तीनों की मदद से ही माउस सतह पर Movement को track करता है और Computer को दिशा-निर्देश भेजता है।

Mouse के प्रकार (Types of Mouse)

Mechanical Mouse

आज-कल Mechanical माउस का प्रयोग नहीं किया जाता है। Mechanical माउस में Metal या Rubber की एक Ball होती है। इस Ball के दोनों तरफ Wheels लगे होते हैं। पहले Wheel का उपयोग Cursor को X – अक्ष पर तथा दूसरे Wheel का उपयोग Cursor को Y – अक्ष पर Move करवाने के लिए किया जाता है।

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जब हम Computer Mouse को किसी सतह पर आगे या पीछे Move करवाते हैं तो Y – अक्ष को Represent करने वाला Wheel Move करता है। माउस को दायीं तरफ़ या बायीं तरफ़ Move करवाने पर X – अक्ष को Represent करने वाला Wheel Move करता है। जब Cursor को किसी Angle पर Move किया जाता है तो दोनों Wheels एक साथ Move होते हैं।

आप सोच रहे होंगे कि यह कैसे पता चलता है कि माउस को कितना Move किया गया है।

Mechanical Mouse में लगे हुए Wheels में छोटे-छोटे Spokes बनें हुए होते हैं तथा एक – एक Light दोनों Wheels के पास लगी हुई होती है। जब Wheel Move करता है तो Light Spokes में से Pass होती है और Block होती है जिससे यह पता चलता है कि माउस को कितनी दूर Move किया गया है।

Optical Mouse

आधुनिक समय में Optical माउस का उपयोग सबसे ज़्यादा किया जाता है। Optical Mouse का आविष्कार Steven Kirsch तथा Richard Lyon ने 1980 के दशक में किया था, लेकिन Optical Mouse को Introduce करने का श्रेय Microsoft को जाता है। Microsoft Company ने 19 April 1999 में पहली बार इस माउस को Introduce किया था। Mechanical Mouse की तुलना में Optical Mouse Light का उपयोग बिल्कुल अलग और बेहतर तरीक़े से करता है।

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Optical Mouse कैसे काम करता है

जब हम Optical माउस को किसी सतह पर Move करवाते हैं तो-

Optical माउस में लगी हुई LED से निकलने वाली लाल रंग की Light सतह से Reflect होकर एक Lens से गुज़रती है, जो Light के आकार को बढ़ा देता है ताकि, सतह की स्पष्ट फ़ोटो ली जा सके।

Lens के बाद Light CMOS Sensor पर पड़ती है। CMOS Sensor वास्तव में एक Low Resolution Video Camera होता है, जो 1000 फ़ोटो प्रति सैकंड की रफ़्तार से सतह की फ़ोटो खींचता है। इस तरह Light के सतह से टकरा कर CMOS Sensor पर गिरने से सतह की हज़ारों Images Camera खींचता है।

CMOS Photo Sensor द्वारा ली गई सतह की Images को माउस में लगा Digital Signal Processor(DSP) Analysis करता है और यह देखता है की पहले ली हुई Images और बाद में ली गई Images में क्या फ़र्क है। इस तरह अलग-अलग समय ली गई तस्वीरों के आधार पर यह पता चलता है कि User ने माउस को किस दिशा में Move किया है।

Laser Mouse

यह एक तरह का Optical Mouse ही होता है जिसमें Light Source के लिए LED की जगह Laser Beam का उपयोग किया जाता है। LED की तुलना में Laser Beam ज़्यादा Powerful होती है इसलिए Optical Mouse की तुलना में Laser Mouse ज़्यादा सटीक और बेहतर होते हैं।

Laser Beam का प्रयोग Mouse में करने की वजह से CMOS Sensor को ज़्यादा Detailed तस्वीरें मिलती है जिस की वजह से Mouse सतह की Movement को बेहतर ढंग से समझ पाता है।

Wireless Mouse

ऐसे माउस जिन्हें कंप्यूटर या लैपटॉप से जोड़ने के लिए Wire की जरूरत नहीं होती Wireless Mouse कहलाते हैं। इस तरह के Mouse कंप्यूटर से Communicate करने के लिए Radio-Frequency (2.4GHz ISM Band) का प्रयोग करते हैं।

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Logitech Company ने 1984 में पहला Wireless Mouse बनाया था, जिसका नाम Logitech Metaphor था।

मुख्य रूप से Wireless Mouse के लिए एक Transmitter और एक Receiver की आवश्यकता होती है।

Radio Frequency Transmitter – Transmitter Mouse के अंदर होता है। जब हम Computer Screen पर Click करने के लिए Mouse के Button पर Click करते हैं या Cursor को Move करने के लिए माउस को सतह पर Move करवाते हैं तो, Mouse इस Click या Movement को Record करता है और Radio Signals के माध्यम से Computer में लगे Receiver को भेज देता है।

Radio Frequency Receiver – RF Receiver Computer में लगा होता है जो, Mouse में लगे हुए Transmitter से Radio Signals को प्राप्त करता है और उन्हें Decode करने के बाद सीधे Computer को भेज देता है।

आजकल Wireless Mouse को Bluetooth के माध्यम से कंप्यूटर या लैपटॉप से जोड़ा जाता है।

Mouse का क्या काम है

Cursor Movement – Computer Screen पर Cursor की Movement को Control करवाने के लिए Mouse का उपयोग किया जाता है। आसान भाषा में कहें तो Cursor को Computer Screen पर ऊपर, नीचे, दांएं, बांएं ले जाने के लिए Mouse का उपयोग किया जाता है।

Selecting – Mouse की सहायता से Computer में मौजूद एक या एक से अधिक Files, Folders या Text को Select किया जा सकता है। किसी Item पर Single Click करके उसे Select किया जा सकता है। यदि आप एक से अधिक Items को Select करना चाहते हैं तो आपको Ctrl बटन के साथ Items पर Single Click करना होगा।

Run a program – किसी Program या Software को Open या Run करने के लिए भी Mouse का उपयोग किया जाता है। इसके लिए Program या Software पर Mouse के Left Button से Double Click तथा Right Button से Single Click करना होता है।

Drag-And-Drop – Drag-And-Drop Method से आप किसी Item को एक Memory Location से दूसरी Memory Location पर Move करवा सकते हैं। इसके लिए जिस Item को Move करना है, उसे Select करने के बाद Item को Mouse Button से Press करते हुए Drag करना है और Desired Memory Location पर Drop कर देना है।

Scroll Up & Down – आप ने देखा होगा कि Mouse के दोनों Buttons के बीच में एक Scroll Button होता है। इस Scroll Button का उपयोग किसी Large Document या Web Page को Up या Down करने के लिए किया जाता है।

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