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अवतरण चिह्न या उद्धरण चिन्ह: परिभाषा, भेद और उदाहरण – Avtaran Chinh in Hindi

Table of Contents

Avtaran Chinh

Avtaran Chinh

अवतरण चिन्ह की परिभाषा (Avtaran Chinh Ki Paribhasha)

किसी महत्वपूर्ण कथन को ज्यों-का-त्यों लिखने के लिए जिस संकेत चिन्ह का प्रयोग किया जाता है उसे अवतरण चिन्ह कहते हैं। इस चिन्ह को उद्धरण चिन्ह या उपरिविराम के नाम से भी जाना जाता है। जिस कथन को ज्यों-का-त्यों लिखना हो, उस कथन के दोनों ओर इस चिन्ह को लगाया जाता है।

दरअसल, जब हम किसी अन्य व्यक्ति द्वारा कही गई बात को, लिखित रूप में, हू-ब-हू प्रस्तुत करते हैं तो अवतरण चिन्ह का प्रयोग किया जाता है।

अवतरण चिन्ह के उदहारण (Avtaran Chinh Ke Udaharan)

अवतरण चिन्ह के वाक्य (Avtaran Chinh Ke Vakya)

अवतरण चिन्ह के प्रकार (Avtaran Chinh Ke Prakar)

अवतरण चिन्ह के दो प्रकार होते हैं- इकहरा अवतरण चिन्ह और दुहरा अवतरण चिन्ह।

  1. इकहरा अवतरण चिन्ह
  2. दुहरा अवतरण चिन्ह
Avtaran Chinh Ke Prakar

इकहरा अवतरण चिन्ह (Ikhara Avtaran Chinh)

इकहरा अवतरण चिन्ह का संकेत चिन्ह (‘ ‘) होता है। किसी शब्द या वाक्यांश को उद्धृत करने के लिए जिस संकेत चिन्ह का प्रयोग किया जाता है उसे इकहरा अवतरण चिन्ह कहते हैं।

इकहरा अवतरण चिन्ह के उदाहरण (Ikhara Avtaran Chinh Ke Udaharan)
इकहरा अवतरण चिन्ह का प्रयोग (Ikhara Avtaran Chinh)
  1. इकहरा अवतरण चिन्ह का प्रयोग किसी कवि का उपनाम, कविता का शीर्षक, पुस्तक का नाम या पत्र-पत्रिका का नाम उल्लेखित करने के लिए किया जाता है।
  1. वाक्य में, किसी अक्षर, शब्द या वाक्यांश को उल्लेखित करने के लिए भी इकहरे अवतरण चिन्ह का प्रयोग करते हैं।
इकहरा अवतरण चिन्ह के वाक्य (Ikhara Avtaran Chinh Ke Vakya)

दुहरा अवतरण चिन्ह (Duhara Avtaran Chinh)

इकहरा अवतरण चिन्ह का संकेत चिन्ह (” “) होता है। किसी व्यक्ति के महत्वपूर्ण कथन या किसी कहावत को उल्लेखित करने के लिए जिस संकेत चिन्ह का प्रयोग किया जाता है उसे दुहरा अवतरण चिन्ह कहते हैं।

दुहरा अवतरण चिन्ह के उदाहरण (Duhara Avtaran Chinh Ke Udaharan)
दुहरा अवतरण चिन्ह का प्रयोग (Duhara Avtaran Chinh)
  1. किसी व्यक्ति द्वारा कही गई बात को ज्यों-का-त्यों उल्लेखित करने के लिए या किसी मुहावरे या लोकोक्ति को उल्लेखित करने के लिए दुहरे अवतरण चिन्ह का प्रयोग किया जाता है।

जैसे:

  1. संज्ञा वाक्य में मुख्य वाक्य से पहले आए हुए वाक्य के दोनों ओर दुहरे अवतरण चिन्ह का प्रयोग किया जाता है। जैसे: “स्वादिष्ट खाना कैसे बनता है”, यह बहुत कम लोग जानते हैं।
दुहरा अवतरण चिन्ह के वाक्य (Duhara Avtaran Chinh Ke Vakya)

संज्ञा की परिभाषा, भेद और उदाहरण

  1. भाववाचक संज्ञा की परिभाषा और उदाहरण
  2. जातिवाचक संज्ञा की परिभाषा और उदाहरण
  3. व्यक्तिवाचक संज्ञा की परिभाषा और उदाहरण

सर्वनाम की परिभाषा, भेद और उदाहरण

  1. संबंधवाचक सर्वनाम की परिभाषा एवं उदाहरण
  2. निजवाचक सर्वनाम की परिभाषा एवं उदाहरण
  3. प्रश्नवाचक सर्वनाम की परिभाषा एवं उदाहरण
  4. अनिश्चयवाचक सर्वनाम की परिभाषा एवं उदाहरण
  5. निश्चयवाचक सर्वनाम की परिभाषा एवं उदाहरण
  6. पुरुषवाचक सर्वनाम की परिभाषा, भेद और उदाहरण

समास की परिभाषा, भेद और उदाहरण

  1. अव्ययीभाव समास की परिभाषा, भेद एवं उदाहरण
  2. द्विगु समास की परिभाषा और उदाहरण
  3. कर्मधारय समास की परिभाषा, भेद और उदाहरण
  4. बहुव्रीहि समास की परिभाषा, भेद और उदाहरण
  5. द्वन्द्व समास की परिभाषा, भेद और उदाहरण
  6. तत्पुरुष समास की परिभाषा, भेद और उदाहरण

वाक्य की परिभाषा, भेद एवं उदहारण

  1. मिश्र वाक्य की परिभाषा एवं उदाहरण
  2. संयुक्त वाक्य की परिभाषा एवं उदाहरण
  3. साधारण वाक्य की परिभाषा एवं उदहारण

विशेषण की परिभाषा, भेद और उदाहरण

  1. परिमाणवाचक विशेषण की परिभाषा, भेद और उदाहरण
  2. संख्यावाचक विशेषण की परिभाषा, भेद और उदाहरण
  3. गुणवाचक विशेषण की परिभाषा और उदाहरण
  4. सार्वनामिक विशेषण की परिभाषा, भेद एवं उदाहरण
  5. विशेष्य की परिभाषा एवं उदाहरण
  6. प्रविशेषण की परिभाषा एवं उदाहरण

क्रिया की परिभाषा, भेद और उदाहरण

  1. सामान्य क्रिया की परिभाषा और उदाहरण
  2. पूर्वकालिक क्रिया की परिभाषा एवं उदाहरण
  3. नामधातु क्रिया की परिभाषा और उदाहरण
  4. संयुक्त क्रिया की परिभाषा, भेद और उदाहरण
  5. अकर्मक क्रिया की परिभाषा, भेद एवं उदाहरण
  6. प्रेरणार्थक क्रिया की परिभाषा, भेद और उदाहरण
  7. सकर्मक क्रिया की परिभाषा, भेद और उदाहरण
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