सार्वनामिक विशेषण: परिभाषा, भेद एवं उदाहरण

Sarvanamik Visheshan

Sarvanamik Visheshan

Sarvanamik Visheshan
Sarvanamik Visheshan

सार्वनामिक विशेषण की परिभाषा (Sarvanamik Visheshan Ki Paribhasha)

किसी वाक्य में संज्ञा शब्दों की विशेषता बताने वाले सर्वनाम शब्दों को सार्वनामिक विशेषण कहते हैं। सार्वनामिक विशेषण (Sarvanamik Visheshan) वास्तव में सर्वनाम शब्द ही होते हैं। सार्वनामिक विशेषण (Sarvanamik Visheshan) को संकेतवाचक विशेषण भी कहते हैं।

पुरुषवाचक सर्वनाम और निजवाचक सर्वनाम के अतिरिक्त शेष सभी सर्वनाम शब्दों का प्रयोग विशेषण के रूप में होता है। जब इन सर्वनाम शब्दों का प्रयोग किसी संज्ञा शब्द के साथ किया जाता है तब ये विशेषण की तरह व्यवहार करते हैं और जब संज्ञा के बिना इन सर्वनाम शब्दों का प्रयोग किया जाता है तब ये सर्वनाम ही होते हैं।

किसी छात्र को भेजो। इस वाक्य में ‘छात्र’ संज्ञा के साथ ‘किसी’ सर्वनाम का प्रयोग हुआ है अतः इस वाक्य में ‘किसी’ सर्वनाम न होकर सार्वनामिक विशेषण (Sarvanamik Visheshan) होगा।

सार्वनामिक विशेषण के उदाहरण (Sarvanamik Visheshan Ke Udaharan)

  • वह लड़का नहीं आया।
  • इस पानी को गन्दा मत करो।
  • वह पेड़ मेरे दादाजी ने लगाया था।
  • इस पुस्तक को वहां रख दो।
  • वह गाय दूधारू है।
  • कुछ काम हो तो बताना।
  • इस घर में बहुत सुकून है।
  • किसी नौकर को भेजकर खाना मंगवा लेना।

सार्वनामिक विशेषण के भेद (Sarvanamik Visheshan Ke Bhed)

सार्वनामिक विशेषण के छः भेद होते हैं.

  1. मूल सार्वनामिक विशेषण
  2. यौगिक सार्वनामिक विशेषण
  3. निश्चयवाचक सार्वनामिक विशेषण
  4. अनिश्चयवाचक सार्वनामिक विशेषण
  5. प्रश्नवाचक सार्वनामिक विशेषण
  6. संबंधवाचक सार्वनामिक विशेषण

मूल सार्वनामिक विशेषण

वे सर्वनाम शब्द जो बिना अपना रूप बदले संज्ञा के साथ जुड़कर उनकी विशेषता बताते हैं उन्हें मूल सार्वनामिक विशेषण कहते हैं. जैसे:- वह पत्थर, कोई व्यक्ति, कुछ फल आदि.

यौगिक सार्वनामिक विशेषण

यदि मूल सर्वनाम शब्दों में प्रत्यय लगाकर बनाए गए सर्वनाम शब्द किसी संज्ञा के साथ जुड़कर उसकी विशेषता बताते हैं तो उन्हें यौगिक सार्वनामिक विशेषण कहते हैं. जैसे:- ऐसा पेड़, कैसा आदमी, उतना धन आदि.

निश्चयवाचक सार्वनामिक विशेषण

यदि किसी वाक्य में संज्ञा से पहले ‘यह’ अथवा ‘वह’ सर्वनाम जुड़कर उसकी विशेषता बताए तो उन्हें निश्चयवाचक सार्वनामिक विशेषण कहते हैं।

उदाहरण

  • यह पुस्तक मेरी है।

इस वाक्य में संज्ञा शब्द ‘पुस्तक’ से पहले निश्चयवाचक सर्वनाम ‘यह’ का प्रयोग किया गया है। अतः इस उदाहरण में ‘यह’ सार्वनामिक विशेषण की तरह व्यवहार करेगा और यह वाक्य निश्चयवाचक सर्वनामिक विशेषण का उदाहरण है।

  • वह गाड़ी मुझे पसंद है।

इस वाक्य में संज्ञा शब्द ‘गाड़ी’ से पहले निश्चयवाचक सर्वनाम ‘वह’ का प्रयोग किया गया है। अतः इस उदाहरण में ‘वह’ सार्वनामिक विशेषण की तरह व्यवहार करेगा और यह वाक्य निश्चयवाचक सर्वनामिक विशेषण का उदाहरण है।

अनिश्चयवाचक सार्वनामिक विशेषण

जब किसी वाक्य में संज्ञा से पहले ‘कोई’ अथवा ‘कुछ’ सर्वनाम जुड़कर संज्ञा की विशेषता बताए तो उसे अनिश्चयवाचक सार्वनामिक विशेषण कहते हैं।

अथवा

यदि किसी वाक्य में संज्ञा से पहले अनिश्चयवाचक सर्वनाम जुड़कर संज्ञा की विशेषता बताता हो तो उसे अनिश्चयवाचक सार्वनामिक विशेषण कहते हैं।

उदाहरण

  • मुझे कुछ मज़दूरों की आवश्यकता है।

उपरोक्त वाक्य में अनिश्चयवाचक सर्वनाम ‘कुछ’ का प्रयोग संज्ञा से पहले हुआ है। अतः इस वाक्य में अनिश्चयवाचक सर्वनाम शब्द ‘कुछ’ सार्वनामिक विशेषण की तरह व्यवहार करेगा।

  • मंदिर में कोई आदमी रहता है।

उपरोक्त वाक्य में अनिश्चयवाचक सर्वनाम ‘कोई’ का प्रयोग संज्ञा शब्द ‘आदमी’ से पहले हुआ है। अतः इस वाक्य में ‘कोई’ अनिश्चयवाचक सार्वनामिक विशेषण की तरह व्यवहार करेगा, न की सर्वनाम की तरह।

प्रश्नवाचक सार्वनामिक विशेषण

जब किसी वाक्य में संज्ञा से पहले ‘कौन’, ‘क्या’, ‘कब’ अथवा ‘कैसे’ सर्वनाम जुड़कर संज्ञा की विशेषता बताए तो उसे प्रश्नवाचक सार्वनामिक विशेषण कहते हैं।

अथवा

यदि किसी वाक्य में संज्ञा से पहले प्रश्नवाचक सर्वनाम शब्द जुड़कर संज्ञा की विशेषता बताता हो तो उसे प्रश्नवाचक सार्वनामिक विशेषण कहते हैं।

उदाहरण

  • क्या रवि जयपुर जाएगा?

उपरोक्त उदाहरण में प्रश्नवाचक सर्वनाम शब्द ‘क्या’ का प्रयोग संज्ञा शब्द ‘रवि’ से पहले हुआ है। अतः इस वाक्य में ‘क्या’ प्रश्नवाचक सार्वनामिक विशेषण की तरह व्यवहार करेगा, न कि प्रश्नवाचक सर्वनाम की तरह।

संबंधवाचक सार्वनामिक विशेषण

यदि किसी वाक्य में संज्ञा से पहले संबंधवाचक सर्वनाम शब्द जुड़कर संज्ञा की विशेषता बताता हो तो उसे संबंधवाचक सार्वनामिक विशेषण कहते हैं।

उदाहरण

  • जैसा देश वैसा भेष
  • जैसी बात आप कहते हैं, वैसी कोई नहीं कहता।
  • जितना जितना नाम बढ़ता है, उतना उतना मान बढ़ता है।

सार्वनामिक विशेषण (Sarvanamik Visheshan) से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न

सर्वनामिक विशेषण के कितने भेद हैं?

सार्वनामिक विशेषण के छः भेद होते हैं:- मूल सार्वनामिक विशेषण, यौगिक सार्वनामिक विशेषण, निश्चयवाचक सार्वनामिक विशेषण, अनिश्चयवाचक सार्वनामिक विशेषण, प्रश्नवाचक सार्वनामिक विशेषण और संबंधवाचक सार्वनामिक विशेषण। सार्वनामिक विशेषण (Sarvanamik Visheshan) के ये भेद सर्वनाम के आधार पर किए गए हैं, जिसमें पुरुषवाचक सर्वनाम और निजवाचक सर्वनाम को शामिल नहीं किया गया है.

सार्वनामिक विशेषण और सर्वनाम में क्या अंतर है?

सार्वनामिक विशेषण (Sarvanamik Visheshan) शब्द वास्तव में सर्वनाम शब्द ही होते हैं, लेकिन जब सर्वनाम शब्दों का प्रयोग किसी वाक्य में संज्ञा से पहले किया जाता है तो ये सर्वनाम सार्वनामिक विशेषणों की तरह व्यवहार करते हैं.

Other Posts Related to Hindi Vyakran

  1. संज्ञा
  2. सर्वनाम
  3. प्रत्यय
  4. उपसर्ग
  5. वाक्य
  6. शब्द-विचार
  7. कारक
  8. समास
  9. विशेषण
  10. विलोम शब्द
  11. पर्यायवाची शब्द
  12. तत्सम और तद्भव शब्द
  13. संधि और संधि-विच्छेद
  14. सम्बन्धबोधक अव्यय
  15. अयोगवाह
  16. हिंदी वर्णमाला
  17. वाक्यांश के लिए एक शब्द
  18. समुच्चयबोधक अव्यय
  19. विस्मयादिबोधक अव्यय
  20. जातिवाचक संज्ञा
  21. व्यक्ति वाचक संज्ञा
  22. प्रेरणार्थक क्रिया
  23. भाव वाचक संज्ञा
  24. सकर्मक क्रिया

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top