सर्वनाम की परिभाषा, भेद और उदाहरण

सर्वनाम किसे कहते हैं

Table of Contents

सर्वनाम (Sarvanam)

संज्ञा शब्दों के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्दों को सर्वनाम (Sarvanam) कहते हैं। सर्वनाम एक विकारी शब्द है। सर्वनाम शब्द ‘सर्व’ और ‘नाम’ के संयोग से बना है, जिसका शाब्दिक अर्थ सबका नाम होता है। सर्वनाम का रुपांतरण वचन और कारक की वजह से होता है, लेकिन सर्वनाम का रुपांतरण लिंग की वजह से कभी नहीं होता है।

हिंदी में ग्यारह सर्वनाम होते हैं। हिंदी के सर्वनाम मैं, तू, आप, यह, वह, सो, जो, कोई, कुछ, कौन, क्या हैं।

सर्वनाम किसे कहते हैं

सर्वनाम किसे कहते हैं | Sarvanam Kise Kahate Hain

सर्वनाम की परिभाषा – संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्दों को सर्वनाम कहते हैं। सर्वनाम शब्द ‘सर्व’ और ‘नाम’ शब्दों से मिलकर बना है, जहाँ ‘सर्व’ शब्द का अर्थ ‘सभी’ या ‘सब’ तथा ‘नाम’ का अर्थ हिंदी व्याकरण में ‘संज्ञा’ से लिया जाता है। अतः हम कह सकते हैं कि- वे सभी शब्द सर्वनाम हैं, जिनका प्रयोग संज्ञा के स्थान पर किया जाता है। जैसे:-

  • मैं – इसका इस्तेमाल वक्ता स्वयं के लिए करता है।
  • तू – इसका इस्तेमाल वक्ता की बात सुनने वाले के लिए किया जाता है।
  • यह – आस-पास की किसी वस्तु को इंगित करने के लिए इस शब्द का प्रयोग किया जाता है।
  • वह – दूर की किसी वस्तु को इंगित करने के लिए इस शब्द का प्रयोग किया जाता है।

सर्वनाम के उदाहरण | Sarvanam Ke Udaharan

  • वह पैन मेरा नहीं है।
  • यह घर मेरे दादाजी ने बनवाया था।
  • मैंने आज व्यायाम नहीं किया।
  • तुम एक बहादुर लड़की हो।
  • कोई आ रहा है।
  • वे कुछ खा रहे हैं।
  • वह कौन है, जो खेत में घुस रहा है?
  • पिताजी कल किसकी बात कर रहे थे?

सर्वनाम कौन-कौन से होते हैं

मैं, तू, आप, यह, वह, सो, जो, कोई, कुछ, कौन, क्या सर्वनाम होते हैं. हिंदी में 11 सर्वनाम होते हैं। इन ग्यारह सर्वनामों को मूल सर्वनाम कहते हैं। यही ग्यारह सर्वनाम पुरुष, वचन और कारक के आधार पर अपना रूपांतरण करके अन्य सर्वनाम बनाते हैं, जिन्हें यौगिक सर्वनाम कहते हैं।

सर्वनाम का प्रयोग क्यों किया जाता है? 

सर्वनाम का उपयोग भाषा को सुंदर बनाने के लिए तथा संज्ञा शब्दों की पुनरावृत्ति को कम करने के लिए सर्वनाम शब्दों का प्रयोग किया जाता है। जैसे: मोहन एक चालाक आदमी है। मोहन दूसरों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं करता है। मोहन की एक बेटी है। मोहन अपनी बेटी से बहुत प्यार करता है। यहाँ मोहन शब्द की पुनरावृत्ति हो रही है। इस तरह एक शब्द कि बार-बार पुनरावृत्ति होने से भाषा की सुंदरता में कमी आती है। सर्वनाम शब्दों का प्रयोग इसी पुनरावृत्ति को ख़त्म करने के लिए किया जाता है।

अब यदि इस उदाहरण में हम सर्वनाम शब्दों का प्रयोग करते हैं तो, वाक्य कुछ इस तरह बनेंगे-

मोहन एक चालाक आदमी है। वह दूसरों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं करता है। उसकी एक बेटी है। वह अपनी बेटी से बहुत प्यार करता है।

इस तरह आप देख सकते हैं कि मोहन की जगह अलग-अलग सर्वनाम शब्दों का प्रयोग करने से वाक्य किस तरह बदल गए.

हिंदी व्याकरण में सर्वनाम को संज्ञा का ही उपभेद माना जा सकता है क्योंकि जो शब्द हमें संज्ञा का बोध करवाते हैं उन्ही शब्दों के स्थान पर सर्वनाम शब्दों का प्रयोग होता है। अतः सर्वनाम एक प्रकार से “संज्ञा” ही हो सकती है।

लेकिन, संज्ञा और सर्वनाम में एक अंतर होता है। संज्ञा हमें उसी वस्तु का बोध करवाती है जिसका वह नाम (संज्ञा) है, जबकि सर्वनाम से किसी भी वस्तु का बोध हो सकता है। सर्वनाम के इसी गुण की वजह से उसे संज्ञा का एक भेद न मानकर अलग भेद माना जाता है।

जैसे:-

‘किताब’ शब्द से हमें यह पता चलता है कि यहाँ ‘किताब’ के बारे में बात हो रही है, न कि मकान या कुर्सी के बारे मेें। यदि हम ‘किताब’ (संज्ञा) के स्थान पर सर्वनाम का प्रयोग करें तो हम किताब को ‘यह’ या ‘वह’ से संबोधित कर सकते हैं। ‘यह’ और ‘वह’ कहने में हमें किताब के अलावा भी किसी वस्तु का बोध हो सकता है क्योंकि ‘यह’ या ‘वह’ किसी भी वस्तु के लिए प्रयुक्त किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें:-

सर्वनाम के भेद | Sarvanam Ke Bhed

सर्वनाम के 6 भेद होते हैं। जो निम्नलिखित हैं।

सर्वनाम किसे कहते हैं - Sarvanam Kise Kahate Hain

  1. पुरूषवाचक सर्वनाम
  2. निश्चयवाचक सर्वनाम
  3. अनिश्चयवाचक सर्वनाम
  4. प्रश्नवाचक सर्वनाम
  5. संबंधवाचक सर्वनाम
  6. निजवाचक सर्वनाम

पुरुषवाचक सर्वनाम किसे कहते हैं | Purushvachak Sarvanam Kise Kahate Hain

Purush Vachak Sarvanam
Purush Vachak Sarvanam

जिन सर्वनाम शब्दों का प्रयोग बात कहने वाले के स्थान पर, बात सुनने वाले के स्थान पर तथा जिसके बारे में बात की जा रही है उसके स्थान पर किया जाता है, उन्हें पुरूषवाचक सर्वनाम कहते हैं। मैं, तू, आप, यह, वह आदि पुरूषवाचक सर्वनाम हैं। पुरूषवाचक सर्वनाम तीन प्रकार के होते हैं।

  1. उत्तम पुरुषवाचक सर्वनाम
  2. मध्यम पुरूषवाचक सर्वनाम
  3. अन्य पुरुषवाचक सर्वनाम

उत्तम पुरुषवाचक सर्वनाम

जिन सर्वनाम शब्दों का प्रयोग वक्ता स्वयं के लिए करता है, उन्हें उत्तम पुरूषवाचक सर्वनाम कहते हैं। ‘मैं’ एवं ‘हम‘ उत्तम पुरूषवाचक सर्वनाम है। कारक के आधार पर ‘मैं’ अपना रूप परिवर्तित करके जो अन्य सर्वनाम बनाता है, वे सभी सर्वनाम भी उत्तम पुरूषवाचक सर्वनाम होंगे। जैसे:- मैंने, मुझको, मुझसे, हमको, हमने आदि।

उत्तम पुरुषवाचक सर्वनाम के उदाहरण:- 

  • मैं एक धार्मिक व्यक्ति हूँ। इस वाक्य में जो व्यक्ति बात कर रहा है, वह स्वयं के बारे में बता रहा है। अतः इसमें उत्तम पुरुषवाचक सर्वनाम है।
  • मैंने आज नाश्ता नहीं किया है। इस वाक्य में ‘कर्ता’ कारक की वजह से ‘मैं’ का का परिवर्तित रूप ‘मैंने’ बनकर वाक्य में प्रयुक्त हुआ है। इस वाक्य में भी जो व्यक्ति बात कर रहा है, वह स्वयं के बारे में बता रहा है। अतः इसमें भी ‘मैं’ उत्तम पुरुषवाचक सर्वनाम है।

मध्यम पुरूषवाचक सर्वनाम

जिन सर्वनाम शब्दों का प्रयोग वक्ता द्वारा बात सुनने वाले के लिए किया जाता है, उन्हें मध्यम पुरूषवाचक सर्वनाम कहते हैं। ‘तू’ तथा ‘आप’ मध्यम पुरूषवाचक सर्वनाम होते हैं।

मध्यम पुरूषवाचक सर्वनाम के उदाहरण:- 

  • तुम बहुत अच्छी हिंदी बोलते हो। 
  • आपके सहयोग के बिना मैं यह सब नहीं कर पाऊंगा।

उपरोक्त दोनों वाक्यों में ‘तुम’ एवं ‘आपके’ मध्यम पुरुषवाचक सर्वनाम शब्द हैं।

अन्य पुरुषवाचक सर्वनाम किसे कहते हैं | anya purushvachak sarvanam kise kahate ain

जिन सर्वनाम शब्दों का प्रयोग वक्ता एवं बात सुनने वाला किसी तीसरे व्यक्ति या वस्तु के लिए करते हैं, उन्हें अन्य पुरूषवाचक सर्वनाम कहते हैं। ‘यह’ एवं ‘वह’ अन्य पुरूषवाचक सर्वनाम शब्द हैं।

अन्य पुरुषवाचक सर्वनाम के उदाहरण:- 

  • यह मेरा घर है।
  • वह मेरा घर नहीं है।

Note:- पुरुषवाचक सर्वनाम के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:-


निश्चयवाचक सर्वनाम किसे कहते हैं | Nishchay Vachak Sarvanam Kise Kahate Hain

जिन सर्वनाम शब्दों से किसी निश्चित व्यक्ति या वस्तु का बोध होता है, उन्हें निश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं। ‘यह’ एवं ‘वह’ निश्चयवाचक सर्वनाम हैं। निश्चयवाचक सर्वनाम में किसी व्यक्ति या वस्तु की ओर निश्चित इशारा किया जाता है।

निश्चयवाचक सर्वनाम के उदाहरण:- 

  • यह मेरी पुस्तक है। इस वाक्य में ‘यह’ निश्चयवाचक सर्वनाम शब्द है। ‘यह’ का प्रयोग वक्ता के द्वारा आसपास कि किसी वस्तु या व्यक्ति को संबोधित करने के लिए किया जाता है।
  • वह मेरा सामान नहीं है। इस वाक्य में ‘वह’ निश्चयवाचक सर्वनाम शब्द है। ‘वह’ का प्रयोग वक्ता के द्वारा अपने से दूर किसी वस्तु या व्यक्ति को संबोधित करने के लिए किया जाता है।

Note:- निश्चयवाचक सर्वनाम की विस्तृत जानकारी के लिए नीचे दिय गए लिंक पर क्लिक करें:-


अनिश्चयवाचक सर्वनाम किसे कहते हैं | Anishchay Vachak Sarvanam Kise Kahate Hain

जिन सर्वनाम शब्दों से किसी निश्चित व्यक्ति या वस्तु का बोध नहीं होता है, उन्हें अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं। ‘कोई’ एवं ‘कुछ’ अनिश्चयवाचक सर्वनाम हैं। 

अनिश्चयवाचक सर्वनाम के उदाहरण:

  • वहां कोई तो था। इस वाक्य में ‘कोई’ शब्द अनिश्चयवाचक सर्वनाम है। इस वाक्य में स्पष्ट नहीं है कि वहां कौन था। अतः अनिश्चयवाचक सर्वनाम वाले शब्दों में अनिश्चितता बनी रहती है।
  • कुछ गड़बड़ है। इस वाक्य में भी ‘कुछ’ शब्द अनिश्चयवाचक सर्वनाम है। अनिश्चितता की स्थिति यहाँ भी बनी हुई है। 

Note:- अनिश्चयवाचक सर्वनाम की विस्तृत जानकारी के लिए नीचे दिय गए लिंक पर क्लिक करें:-


प्रश्नवाचक सर्वनाम किसे कहते हैं | prashnavachak sarvanam kise kahate ain

जिन सर्वनाम शब्दों से प्रश्न का बोध होता है उन्हें प्रश्नवाचक सर्वनाम कहते हैं। कौन, क्या, किसकी आदि प्रश्नवाचक सर्वनाम हैं। जिस वाक्य में प्रश्नवाचक सर्वनाम प्रयुक्त होते हैं, वह वाक्य प्रश्न बन जाता है।

प्रश्नवाचक सर्वनाम के उदाहरण:- 

  • राम के पिता का नाम क्या है?
  • यह पुस्तक किसकी है?
  • भारत का प्रधानमंत्री कौन है?

Note:- प्रश्नवाचक सर्वनाम की विस्तृत जानकारी के लिए नीचे दिय गए लिंक पर क्लिक करें:-


संबंधवाचक सर्वनाम किसे कहते हैं | Sambandh Vachak Sarvanam Kise Kahate Hain

जिन सर्वनाम शब्दों से दो अलग-अलग बातों या वाक्यों के बीच संबंध का बोध होता है, उन्हें संबंधवाचक सर्वनाम कहते हैं। ‘जो’ एवं ‘सो’ संबंधवाचक सर्वनाम हैं। 

संबंधवाचक सर्वनाम के उदाहरण:- 

  • जो मेहनत करेगा सो कामयाब होगा। इस वाक्य में जो-सो दोनों वाक्यों के बीच संबंध बना रहे हैं।

Note:- संबंधवाचक सर्वनाम के बारे में और अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:-


निजवाचक सर्वनाम किसे कहते हैं | Nijvachak Sarvanam Kise Kahate Hain

जिन सर्वनाम शब्दों का प्रयोग कर्ता स्वयं के लिए करता है, उन्हें निजवाचक सर्वनाम कहते हैं। आप, अपना, स्वयं आदि निजवाचक सर्वनाम है।

निजवाचक सर्वनाम के उदाहरण:- 

  • मैं अपना काम जानता हूँ। इस वाक्य में ‘अपना’ निजवाचक सर्वनाम है।

Note:- निजवाचक सर्वनाम के बारे में और अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:-


पुरुषवाचक सर्वनाम और निजवाचक सर्वनाम में क्या अंतर है

निजवाचक सर्वनाम का ‘आप‘ एवं पुरूषवाचक सर्वनाम का ‘आप’ अलग-अलग है। पुरूषवाचक का ‘आप’ किसी अन्य व्यक्ति के लिए आदर प्रकट करने के लिए प्रयुक्त किया जाता है, जबकि निजवाचक का ‘आप’ कर्ता स्वयं के लिए करता है। जब हम निजवाचक में ‘आप’ का प्रयोग करते हैं तो उसका अर्थ ‘स्वयं’ या ‘ख़ुद’ होता है। 

अगर आपको किसी वाक्य में निजवाचक सर्वनाम या पुरुषवाचक सर्वनाम पहचानने में परेशानी हो तो, आपको उस वाक्य में ‘आप’ के स्थान पर ‘स्वयं’ या ‘खुद’ शब्द को प्रयोग में करके देखना चाहिए। अगर ऐसा करने से वाक्य के अर्थ में किसी तरह का परिवर्तन नहीं होता है तो, उस वाक्य में ‘आप’ निजवाचक सर्वनाम होगा।

उदाहरण:- 

आप कल वहां चले जाना। इस वाक्य में ‘आप’ का प्रयोग किसी अन्य व्यक्ति को संबोधित करने के लिए किया गया है। अगर हम इस वाक्य का अर्थ निकालें तो हमें समझ में आता है, कि किसी अन्य व्यक्ति को संबोधित करके यह कहा जा रहा है कि, ‘आप कल वहां चले जाना’। अतः इस वाक्य में ‘आप’ पुरुषवाचक सर्वनाम है।

मैंने यह चाय आप बनाई है। इस वाक्य में ‘आप’ का प्रयोग करता किसी अन्य व्यक्ति को आदर देने के लिए या संबोधित करने के लिए नहीं कर रहा है, बल्कि इस वाक्य में ‘आप’ का प्रयोग कर्ता स्वयं के लिए कर रहा है। 

अगर हम इस वाक्य में ‘आप’ की जगह ‘स्वयं’ या ‘खुद’ शब्द को लगा करें तो वाक्य कुछ इस तरह बनेगा- मैंने यह चाय स्वयं बनाई है। आप की जगह स्वयं लगा देने से वाक्य के अर्थ में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है अतः इस वाक्य में ‘आप’ निजवाचक सर्वनाम है।

हम आपके लिए एक सवाल छोड़ रहे हैं। आपको यह बताना है की इस वाक्य में आप पुरुषवाचक सर्वनाम है या निजवाचक सर्वनाम है? सवाल का जवाब आप कमेंट बॉक्स में दे सकते हैं।

मोहन आप चला जाएगा। 

Sarvnaam Quiz

सर्वनाम के बारे में विस्तार से जांनने के बाद आप सर्वनाम के बारे में अपनी समझ और ज्ञान को नीचे दी गई Quiz की मदद से परख सकते हैं.

FAQs

सर्वनाम के कितने भेद होते हैं?

सर्वनाम के 6 भेद होते हैं.

आप शब्द कौन सर्वनाम है?

आप शब्द पुरुषवाचक सर्वनाम और निजवाचक सर्वनाम दोनों होता है. जब आप का प्रयोग वक्ता स्वयं के लिए करता है तो निजवाचक सर्वनाम होता है और जब आप शब्द का प्रयोग वक्ता किसी दूसरे व्यक्ति के लिए करता है तो वहां आप शब्द पुरुषवाचक सर्वनाम होता है.

Other Posts Related to Hindi Vyakran

संज्ञा की परिभाषा, भेद और उदाहरण

  1. भाववाचक संज्ञा की परिभाषा और उदाहरण
  2. जातिवाचक संज्ञा की परिभाषा और उदाहरण
  3. व्यक्तिवाचक संज्ञा की परिभाषा और उदाहरण

सर्वनाम की परिभाषा, भेद और उदाहरण

  1. संबंधवाचक सर्वनाम की परिभाषा एवं उदाहरण
  2. निजवाचक सर्वनाम की परिभाषा एवं उदाहरण
  3. प्रश्नवाचक सर्वनाम की परिभाषा एवं उदाहरण
  4. अनिश्चयवाचक सर्वनाम की परिभाषा एवं उदाहरण
  5. निश्चयवाचक सर्वनाम की परिभाषा एवं उदाहरण
  6. पुरुषवाचक सर्वनाम की परिभाषा, भेद और उदाहरण

समास की परिभाषा, भेद और उदाहरण

  1. अव्ययीभाव समास की परिभाषा, भेद एवं उदाहरण
  2. द्विगु समास की परिभाषा और उदाहरण
  3. कर्मधारय समास की परिभाषा, भेद और उदाहरण
  4. बहुव्रीहि समास की परिभाषा, भेद और उदाहरण
  5. द्वन्द्व समास की परिभाषा, भेद और उदाहरण
  6. तत्पुरुष समास की परिभाषा, भेद और उदाहरण

वाक्य की परिभाषा, भेद एवं उदहारण

  1. मिश्र वाक्य की परिभाषा एवं उदाहरण
  2. संयुक्त वाक्य की परिभाषा एवं उदाहरण
  3. साधारण वाक्य की परिभाषा एवं उदहारण

विशेषण की परिभाषा, भेद और उदाहरण

  1. परिमाणवाचक विशेषण की परिभाषा, भेद और उदाहरण
  2. संख्यावाचक विशेषण की परिभाषा, भेद और उदाहरण
  3. गुणवाचक विशेषण की परिभाषा और उदाहरण
  4. सार्वनामिक विशेषण की परिभाषा, भेद एवं उदाहरण
  5. विशेष्य की परिभाषा एवं उदाहरण
  6. प्रविशेषण की परिभाषा एवं उदाहरण

क्रिया की परिभाषा, भेद और उदाहरण

  1. सामान्य क्रिया की परिभाषा और उदाहरण
  2. पूर्वकालिक क्रिया की परिभाषा एवं उदाहरण
  3. नामधातु क्रिया की परिभाषा और उदाहरण
  4. संयुक्त क्रिया की परिभाषा, भेद और उदाहरण
  5. अकर्मक क्रिया की परिभाषा, भेद एवं उदाहरण
  6. प्रेरणार्थक क्रिया की परिभाषा, भेद और उदाहरण
  7. सकर्मक क्रिया की परिभाषा, भेद और उदाहरण
Scroll to Top