साधारण या सरल वाक्य: परिभाषा एवं उदहारण

Sadharan Vakya
Sadharan Vakya
Sadharan Vakya

Sadharan Vakya

साधारण वाक्य की परिभाषा (Sadharan Vakya Ki Paribhasha)

यदि किसी वाक्य में एक संज्ञा उद्देश्य एवं एक क्रिया विधेय हो तो उसे साधारण वाक्य कहते हैं। यदि किसी वाक्य में एक से अधिक कर्ता हों तथा उनकी क्रिया भी समान हो तो उस वाक्य को भी साधारण वाक्य ही माना जाता है, क्योंकि समान क्रिया वाले समस्त कर्ता एक ही उद्देश्य को दर्शाते हैं।

साधारण वाक्य को सरल वाक्य भी कहा जाता है।

यदि किसी सरल वाक्य में एक से अधिक क्रियाएँ हों, लेकिन उन सभी क्रियाओं का कर्ता एक ही हो तो सभी क्रियाओं को एक ही विधेय माना जाता है. इसलिए वाक्य में एक से अधिक क्रियाओं का कर्ता एक होने पर वाक्य सरल वाक्य होता है।

यदि किसी वाक्य में एक से अधिक कर्ता हों तथा सभी कर्ताओं की क्रियाएं एक से अधिक और समान हों तो वाक्य को सरल वाक्य ही माना जाता है, क्योंकि समान क्रियाएं करने वाले समस्त कर्ताओं को एक उद्देश्य तथा समान कर्ताओं वाली समस्त क्रियाओं को एक विधेय माना जाता है।

साधारण वाक्य में उद्देश्य मुख्यतः कर्ता कारक में होता है; लेकिन कभी-कभी उद्देश्य अन्य कारकों में भी आता है।

साधारण वाक्य के उदहारण (Sadharan Vakya Ke Udaharan)

  • विजय किताब पढता है।
  • राम और मोहन किताब पढ़ते हैं।
  • राधा ने फल और सब्ज़ी खरीदी।
  • लड़का दौड़ता है।
  • मैंने लड़कों को बुलाया।
  • बच्चे पेड़ पर चढ़ रहे थे।
  • आपको सुबह घूमने जाना चाहिए था।
  • राधा, मीना व गीता गाना गा रही हैं।
  • शंकर खा एवं पढ़ रहा है।
  • विजय और मोहन खा एवं पढ़ रहे हैं।

Sadharan Vakya
Sadharan Vakya

साधारण या सरल वाक्य से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल

साधारण वाक्य क्या है?

जिस वाक्य में एक ही कर्ता और एक ही क्रिया होती है, अर्थात एक ही उद्देश्य एवं एक ही विधेय होता है उसे साधारण वाक्य कहते हैं.

सरल वाक्य में कितने क्रियाएं होते हैं?

सरल वाक्य में एक क्रिया होती है. एक से अधिक क्रिया होने पर उन सभी क्रियाओं का कर्ता एक होगा।

सरल वाक्य की क्या पहचान है?

सरल वाक्य की पहचान यह होती है की सरल वाक्य में एक उद्देश्य एवं एक क्रिया होती है. एक से अधिक कर्ता होने पर भी सभी कर्ताओं की क्रिया सामान रहती है तथा एक से अधिक क्रिया होने पर उन सभी क्रियाओं का कर्ता एक होगा।

सरल वाक्य में कितने उद्देश्य और विधेय होते हैं?

सरल वाक्य में एक उद्देश्य एवं एक विधेय होता है.

संज्ञा की परिभाषा, भेद और उदाहरण

  1. भाववाचक संज्ञा की परिभाषा और उदाहरण
  2. जातिवाचक संज्ञा की परिभाषा और उदाहरण
  3. व्यक्तिवाचक संज्ञा की परिभाषा और उदाहरण

सर्वनाम की परिभाषा, भेद और उदाहरण

  1. संबंधवाचक सर्वनाम की परिभाषा एवं उदाहरण
  2. निजवाचक सर्वनाम की परिभाषा एवं उदाहरण
  3. प्रश्नवाचक सर्वनाम की परिभाषा एवं उदाहरण
  4. अनिश्चयवाचक सर्वनाम की परिभाषा एवं उदाहरण
  5. निश्चयवाचक सर्वनाम की परिभाषा एवं उदाहरण
  6. पुरुषवाचक सर्वनाम की परिभाषा, भेद और उदाहरण

समास की परिभाषा, भेद और उदाहरण

  1. अव्ययीभाव समास की परिभाषा, भेद एवं उदाहरण
  2. द्विगु समास की परिभाषा और उदाहरण
  3. कर्मधारय समास की परिभाषा, भेद और उदाहरण
  4. बहुव्रीहि समास की परिभाषा, भेद और उदाहरण
  5. द्वन्द्व समास की परिभाषा, भेद और उदाहरण
  6. तत्पुरुष समास की परिभाषा, भेद और उदाहरण

वाक्य की परिभाषा, भेद एवं उदहारण

  1. मिश्र वाक्य की परिभाषा एवं उदाहरण
  2. संयुक्त वाक्य की परिभाषा एवं उदाहरण
  3. साधारण वाक्य की परिभाषा एवं उदहारण

विशेषण की परिभाषा, भेद और उदाहरण

  1. परिमाणवाचक विशेषण की परिभाषा, भेद और उदाहरण
  2. संख्यावाचक विशेषण की परिभाषा, भेद और उदाहरण
  3. गुणवाचक विशेषण की परिभाषा और उदाहरण
  4. सार्वनामिक विशेषण की परिभाषा, भेद एवं उदाहरण
  5. विशेष्य की परिभाषा एवं उदाहरण
  6. प्रविशेषण की परिभाषा एवं उदाहरण

क्रिया की परिभाषा, भेद और उदाहरण

  1. सामान्य क्रिया की परिभाषा और उदाहरण
  2. पूर्वकालिक क्रिया की परिभाषा एवं उदाहरण
  3. नामधातु क्रिया की परिभाषा और उदाहरण
  4. संयुक्त क्रिया की परिभाषा, भेद और उदाहरण
  5. अकर्मक क्रिया की परिभाषा, भेद एवं उदाहरण
  6. प्रेरणार्थक क्रिया की परिभाषा, भेद और उदाहरण
  7. सकर्मक क्रिया की परिभाषा, भेद और उदाहरण